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à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की वजह से आप à¤à¥€ तो नहीं पड़ रहे बीमार? इन उपायों से मिलेगी राहत
कई बार आपने देखा होगा कि धूल, मिटà¥à¤Ÿà¥€ के संपरà¥à¤• में आकर या फिर घर से बाहर निकलने में धà¥à¤à¤‚ से नाक और गले में जलन सी होने लगती है। इसके अलावा कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को खाने से à¤à¥€ शरीर बीमार पड़ जाता है या फिर तà¥à¤µà¤šà¤¾ में कà¥à¤› खà¥à¤œà¤²à¥€ या दाने से हो जाते हैं।
बहà¥à¤¤ बार हम इस तरह की बीमारी का मतलब नहीं समठपाते हैं। लेकिन यह शरीर में होने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£ होते हैं। इसमें हमारे शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ किसी विशेष वसà¥à¤¤à¥ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशील हो जाती है। इस तरह की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से बचाव के लिठजरूरी है कि सबसे पहले हम यह जाने की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ कितने तरह की होती है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
बहà¥à¤¤ बार à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक होती है
कà¥à¤› लोगों के शरीर में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक होती है। à¤à¤¸à¥‡ लोगों के शरीर में जनà¥à¤® से ही à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ को पहचानने वाले ततà¥à¤µ मौजूद होते हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° यह समसà¥à¤¯à¤¾ लड़कियों के मà¥à¤•ाबले लड़कों में अधिक होती है।
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कà¥à¤¯à¤¾ असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की बीमारी हमेशा à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कारण होती है
धूल मिटà¥à¤Ÿà¥€ की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की बीमारी हो जाती है लेकिन असà¥à¤¥à¤®à¤¾ होने के और à¤à¥€ बहà¥à¤¤ से कारण हो सकते हैं।
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खाने से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€
बहà¥à¤¤ से लोगों को खाने की चीजों से à¤à¥€ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है। जैसे कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ या वयसà¥à¤• गेंहू, राईं, बाजरा, मछली या अंडे को खाने के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशील होते हैं। इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करने से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£ नजर आने लगते हैं। इसके अलावा बहà¥à¤¤ सी खाने की चीजों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लोगों में संवेदनशीलता नजर आती है।
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à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं
अगर किसी को कà¥à¤› खाने से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो गई है तो उसे उलà¥à¤Ÿà¥€, दसà¥à¤¤ हो सकते है। इसके अलावा à¤à¥‚ख न लगना, मà¥à¤‚ह, गला, आंख, तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€ होना à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ है। किसी विशेष मौसम में संकà¥à¤°à¤®à¤£ वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ से जो à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है, उसमें पेट में दरà¥à¤¦ और मरोड़ पड़ने लगती है।
धूल, मिटà¥à¤Ÿà¥€ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€
à¤à¤• अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ में यह बात सामने आई है कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ धूल, धà¥à¤à¤‚, मिटà¥à¤Ÿà¥€ से होती है। इस तरह की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ में आंखें लाल हो जाती है, उसमें खà¥à¤œà¤²à¥€ होने लगती है और पानी बहने लगता है आंख से। साथ ही नाक पर à¤à¥€ इसका असर पड़ता है।
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à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से बचाव के उपाय
किसी à¤à¥€ तरह की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से बचने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ उपाय है कि सावधानी बरती जाà¤à¥¤ आंकड़ों में पता चला है कि 25 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ कà¥à¤› समय बाद असà¥à¤¥à¤®à¤¾ में बदल जाती है। इसका सबसे बढ़िया उपाय है कि मौसम बदलने पर कà¥à¤› à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ बरते जाà¤à¤‚। धूल, मिटà¥à¤Ÿà¥€ से बचने के लिठघर से बाहर निकलते समय मासà¥à¤• का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें। खाने वाली चीजों से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो तो उन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का परहेज करने में ही à¤à¤²à¤¾à¤ˆ है। साफ-सफाई का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। सही समय पर डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की सलाह से दवाइयों का सेवन करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आजकल à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¨ का पता करके विधिवतॠउपचार किया जाता है।
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